Tuesday, 22 March 2011

समस

उम्मीदों  की  शमा  दिल  में  मत  जलना ,
इस  जहाँ  से  अलग  दुनिया  मत  बसना ,
आज  बस  मूड  में  था  तो  समस  कर  दिया ,
पर  रोज  इंतज़ार  में  पलके  मत  बिछाना !

1 comment:

  1. http://santoshbihar.blogspot.com/आपका ब्लॉग बहुत ही सुन्दर है उतने ही सुन्दर आपके विचार है जो सोचने पर मजबूर करदेते है
    कभी मेरे ब्लॉग पे भी पधारिये में निचे अपने लिंक दे रहा हु
    धन्यवाद्

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